भारत देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी वैसे तो चालीसा श्री परमात्मा का ही होता है।  मगर फिर भी इस कलयुग में लोगो ने मोदी चालीसा – Modi Chalisa in Hindi Lyrics

बना दिया है।  जो की सिर्फ  हास्य के लिए ही बनाया गया हो। तो आप भी पढ़े और आनदं लीजिये –

मोदी चालीसा -Modi Chalisa 

मोदी चालीसा - Modi Chalisa in Hindi Lyrics

त्राहि-त्राहि जनता करे, तन-मन व्यापी पीर।
देख दशा निज देश की, भारत मातु अधीर॥
भारत जर्जर नाव सा, अगम सिंधु संसार।
जनता की इच्छा नमो, आप बनें पतवार॥


 जय-जय हे! भारत जननायक। पीड़ा हर सबके सुखदायक॥
विश्व तुम्हारा गुणगान करे। तुम पर भारत अभिमान करे॥
जनता के हो बड़े करीबी। देखा तुमने बहुत गरीबी॥
चाय बेचकर समय बिताया। पंथ गलत पर ना अपनाया॥


श्रम को केवल साधन माना। गीता सार तुम्हीँ ने जाना॥
उजला कुर्ता उजली धोती। उस पर काली सदरी भाती॥
आंख लगाते सुंदर ऐनक। दाढ़ी श्वेत बड़ी मनमोहक॥
मूंछेँ तनी रहें ज्यों सायक। तरुणों के मन चाहे नायक॥


भाषण देना तुमको आता। सुनकर मजमा मोहित होता॥
हीराबेन तनय तुम अनुपम। ज्ञान फर्ज का सुंदर संगम॥
बीजेपी के भवन शिखर हो। और दलों के लिए कहर हो॥
कीर्ति लता चहुं दिश है बिखरी। अन्य दलों की चालेँ ठहरी॥


लौह पुरुष का पथ अपनाएं। प्रगति पुरुष जो आप कहाएं॥
गुजरात राज्य उन्नति करता। आयाम प्रगति नूतन गढ़ता॥
दसों दिशा में खुशहाली है। कहीं न दिखती बदहाली है॥
सड़कें लम्बी हैं चमकीली। लेटी ज्यों नागिन गर्वीली॥


 रोटी कपड़ा और मकाना। पाकर गूंजे प्रेम तराना॥
हर मुखमंडल खुशी दिखेगी। मायूसी मायूस मिलेगी॥
कहीं नहीं है रिश्वतखोरी। सच है नहीं कल्पना कोरी॥
मीलों की हैं लगीं कतारेँ। जीते जिनके रंक सहारे॥


मिटती सबकी क्षुधा-पिपासा। पालक हैं दामोदरदासा॥
मन को मोहे खेती-बाड़ी। फेमस जग में सूरतसाड़ी॥
धन्य हो गई गुजरात धरा। हर्ष राग नव चहुं दिश बिखरा॥
साबरमती कीर्ति तव गाती। सर्वश्रेष्ठ हैं नमो बताती॥


नर-नारी में दिखती समता। मोदी उर बहती है ममता॥
जग के जाने-माने नेता। जन-जन के हैं हृदय विजेता॥
नमो नाम का उदय निदेशा। कुमुद दलों में घोर निराशा॥
अखबार तुम्हारे गुण गाएं। पढ़ें विरोधी मुख के खाएं॥


– ख्याति निराली ऐसी छायी-

 ख्याति निराली ऐसी छायी। अमरीका के मन को भायी॥
बदला अपना उसने निश्चय। कर्मठता का सुंदर परिचय॥
आप नमो जी कुशल प्रशासक। कर्म-हृदय-बच जन हित साधक॥
त्यागमयी मोदी का जीवन। चुम्बक जैसा है आकर्षण॥


 आज देश को बड़ी जरूरत। बदलाव की बन गई सूरत॥
महँगाई से जनता हारी। मौज मनाएं भ्रष्टाचारी॥
मरते हैं बेमौत किसाना। औने-पौने बेचेँ दाना॥
कर्ज चढ़ा है सिर पर भारी। घर में बैठी बेटी क्वांरी॥

श्री मोदी चालीसा (Modi Chalisa in Hindi Lyrics ) सम्पूर्ण